Latest Hindi Quotes and Shayries 2019

अजीब सी "पहेली" है...इन हाथों की "लकीरों" में......
सफ़र" लिखा है मगर..."रास्ता" नहीं लिखा.....

निकलूं अगर मयखाने से तो शराबी ना समझना दोस्त,
मंदिर से निकलता हर शख्स भी तो भक्त नहीं होता 

माँगी हुई ख़ुशियों से....किसका भला होता है.....
मिलता वो ही है....जो हमने बोया होता है.....

दोस्ती भी क्या गज़ब की चीज़ होती है,
मगर ये भी बहोत कम लोगों को नसीब होती है,

जो पकड़ लेते है ज़िन्दगी में दामन इसका
समझ लो के जन्नत उनके बिलकुल करीब होती है…

नज़र और नसीब का कुछ ऐसा इत्तफाक है कि

नज़र को अक्सर वही चीज़ पसन्द आती है जो नसीब मेँ नहीं होती

तेरे बाद हमने दिल का दरवाजा खोला ही नही.
वरना बहुत से चाँद आए इस घर को सजाने के लिए

याद करके आपको जीता है कोई,
साँसों मे आपको महसूस करता है कोई,
मौत तो आनी है एक दिन,
पर आपसे दूर रहकर हर पल मरता है कोई…

अनदेखे धागो से, यूँ बांध गया कोई
वो साथ भी नही,और हम आजाद भी नही 


कलम से खत लिखने का रिवाज फिर आना चाहिए ,
ये चैटिंग की दुनिया बड़ा फरेब फैला रही है...!!


रास्ता ऐसा भी दुशवार न था
बस उसको हमारी चाहत पे ऐतबार न था
वो चल न सकी हमारे साथ वरना
हमे तो जान देने से भी इनकार न था


इतना आसान नहीं है जीवन का हर किरदार निभा पाना,
इंसान को बिखरना पड़ता है रिश्तों को समेटने के लिए...


जिस नज़ाकत से लहरें पैरों को छूती है
यकीन नही होता कि इन्होने 
कभी कश्तियाँ भी डुबाई होंगी

सभी के चेहरे में वो बात नहीं होती,
थोड़े से अँधेरे से रात नहीं होती,
जिंदगी में कुछ लोग बहुत प्यारे होते हैं,
क्या करें उन्ही से हमारी 'मुलाकात' नहीं होती.

वहाँ मोहब्बत में पनाह मिले भी तो कैसे,
जहाँ मोहब्बत बे पनाह हो..!!

गलतफहमी से बढ़कर दोस्ती का दुश्मन नहीं कोई..
परिंदों को उड़ाना हो तो बस शाखा हिला दीजिए....

अनदेखे धागो से, यूँ बांध गया कोई
वो साथ भी नही,और हम आजाद भी नही |

पूछती हो ना मुझसे तुम हमेशा की,
मैं कितना प्यार करता हूँ तुम्हे,
तो गिन लो.. बरसती हुई इन बूंदों को तुम!

पागल सा बच्चा हू....पर _दिल से सच्चा हू....
थोडासा आवारा हू...पर तेरा ही दिवाना हू..

उदास छोड़ गया वो मुझको ,
खील उठता था मैं जिसके मुस्कुराने से !!
सरे राह जो उनसे नज़र मिली,
तो नक़्श दिल के उभर गए,

हम नज़र मिला कर झिझक गए,
वो नज़र झुका कर चले गए।

मेरे चेहरे की रंगत तेरे इश्क को बयां करती है
फिर क्यों ना गुरूर हो मुझे मेरी मोहब्बत पर

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